क्या है इलैक्ट्रोहोम्योपैथिक मे कोहेबेशन

 इलैक्ट्रोहोम्योपैथी मे कोहेबेशन की प्रक्रिया

इलैक्ट्रोहोम्योपैथिक मे औषधियो का निर्माण कोहेबेशन प्रक्रिया के द्वारा ही होता है । कोहेबेशन प्रकिया के अंतर्गत पौधे की आदि शक्ति नष्ट नही होती अर्थात पौधे के औषधीय गुण  सुरक्षित रहते है ।





कोहेबेशन प्रक्रिया मे सर्वप्रथम जिस पौधे का अर्क (ऐसेंस) निकालना हो उस पौधे को साफ जल से हल्के हाथो से धो लेते है फिर कांच के जार मे आषुत जल (तीसरी वर्षा का पानी / डिस्टिल वाटर )  भरकर उसमे साफ किये पौधे को डाल देते है फिर जब कुछ दिनो के बाद वह पौधा अपना रंग छोडने लगे या पानी का रंग बदलने लगे तब उस जार से वह पौधा निकालकर उसी औषधि का एक नया पौधा डाल देते है और यह प्रकिया लगातार तब तक चलती रहती है जब तक नया पौधा जार मे डालने पर अपना रंग छोडना बंद न कर दे या उसमे नये किल्ले निकलना शुरू न हो जाये।








इस प्रकिया के बाद एक नये जार मे इस अर्क को छान लेते है यह गाढा व गहरे हरे -पीले रंग का अर्क होता है । इसे स्पेजरिक एसेंस कहते है । अब इसमे आवश्यकता अनुसार आषुत जल मिलाते है । 









अब आधुनिक तरीके से भी कोहेबेशन की प्रकिया की जाने लगी इसमे एक मशीन के माध्यम से आषुत जल को गर्म कर पौधो का अर्क निकाला जाता है इस तरीके से अर्क जल्दी प्राप्त होता है और समय की बचत भी होती  है ।

टिप्पणियाँ

  1. घर पर ही कुछ औषधि से कोहेबेसन विधी से इसेंस बनाने का तरीका अच्छा तरीका बाताए है,औ औ थोड़ी बडढिब तरिका बताया करने की कोशिश करे

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