टायफाइड बुखार कारण लक्षण और उपचार

टायफाइड बुखार काफी आम है विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्वभर मे टायफाइड के लगभग दो करोड मामले हर साल सामने आते है । जिनमे से लगभग दो लाख लोगो की मृत्यु भी हो जाती है ।






टायफाइड के कारण
यह बुखार साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से संक्रमित पानी या भोजन के सेवन से या इस बीमारी से संक्रमित रोगी के निकट संपर्क मे आने से फैलता है ।
इस रोग को मियादी बुखार, मोतीझरा या आतो का बुखार के नाम से भी जाना जाता है ।





टायफाइड के लक्षण
इस रोग के हो जाने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते है -:

● सर दर्द

● पेट दर्द

● बदन दर्द

● कब्ज या दस्त

● मांसपेशियो मे दर्द

● भूख कम लगना

● शरीर मे कमजोरी व थकान

● वजन घटना

● शरीर पर चकत्ते पडना





यह बीमारी तीन से चार सप्ताह तक रह सकती है । इस दौरान रोगी को उबला हुआ पानी व सुपाच्य भोजन ही देना चाहिए। तथा उसके कमरे की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।




  रोगी को मल त्याग के बाद हाथो को गुनगुने पानी व साबुन से अच्छे से 20-30 सैकेंड तक धोना चाहिए। रोगी को घरेलु कार्यो से दूर रहना चाहिए जैसे रसोई या खाना पकाने के कार्य क्योकि यह बैक्टीरिया खाद्य पदार्थो के माध्यम से घर के अन्य सदस्यो को भी प्रभावित कर सकता है ।






इलैक्ट्रोहोम्योपैथी मे टायफाइड के लिए फायदेमंद हर्बल मेडिसिन है ।
S1+F2 खाना खाने से पहले 5th dilution
S10+C10+F1+VER1+W.E 5th dilution का मिश्रण पिलाना चाहिए खाना खाने के बाद
तथा स्थान नं 24 पर F2+YE का कंप्रेसर लगाना चाहिए।
पेट मे सूजन होने पर
F2+C5
या
C10+S10 और W.E /B.E का ठंडा कंप्रेसर पेट पर लगाए। 

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