कैसे पहचाने किडनी फेलियर को

 किडनी ब्लड को साफ करके हमारे शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद करती है। किडनी के रोगों से बचने के लिए जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीये। कम मात्रा में पानी पीने से कई तरह के किडनी रोगों का खतरा बना रहता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपको पहले से किडनी से जुड़ी कोई समस्या नहीं है, तो दिनभर मे कम से कम  चार से पांच लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। 





किडनी के रोगो से बचने के लिए किन चीजो का रखे ख्याल - 


• नमक का कम मात्रा मे सेवन करे हो सके तो सेंधा नमक का ही सेवन करे 


• दिन भर मे लगभग 6 से 7 ग्लास पानी पीये 


• एल्कोहल से दूर रहे 


• धुम्रपान न करे 


• तनाव ना ले 


• मीट का कम से कम सेवन करे 


क्योकि इन सभी चीजो के असंतुलन से आपके शरीर मे एसिड की मात्रा बढ जाती है और किडनी को एसिड के फिल्ट्रेशन मे बहुत ज्यादा कार्य करना पडता है जिस कारण आपकी किडनी पर दबाव पडता और किडनी डिसीज होने की संभावनाए बढती है । 





किडनी फेल को  कुछ लक्षण के आधार पर पहचाना जा सकता है कई लोगो मे बिना लक्षण दिखे भी किडनी फेल हो सकती है । 


किडनी फेल होने के लक्षण- 


• पेशाब कम मात्रा मे होना

• पैरों या एड़ियों में सूजन होना

• सांस लेने में दिक्कत होना 

• बहुत ज्यादा थकान होना  

• मिचली होना 

• सीने में दर्द होना आदि। 


किडनी फेलियर को साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है ,क्योकि ज्यादातर लोग किडनी के शुरूआती लक्षणो पर ज्यादा ध्यान नही देते और फिर यह समस्या गंभीर रूप धारण कर लेती है । 





क्या हो सकते है शुरूआती लक्षण- 

° कमर दर्द होना 

° सुबह के समय उबकाई आना ,मिचली होना या उल्टी होना 

° स्किन पर सुखी खुजली होना या स्किन का ज्यादा ड्राई होना 

° उच्च रक्तचाप होना 

° पेशाब मे झाग आना या ब्लड आना 

° पेशाब कम आना या बार-बार आना 


ये सभी या एक शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर आपको तुरन्त अपने चिकित्सक से परामर्श कर उपचार कराना चाहिए। 


किडनी के शुरुआती लक्षण के पता चलने पर अगर आप हर्बल इलैक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सा का सहारा लेते है तो आप किडनी के गंभीर संक्रमण से बच सकते है ।



यह इलैक्ट्रोहोम्योपैथिक मेडिसिन पूर्ण रूप से हर्बल पेड पौधो के अर्क से तैयार की जाती है जिनका मानव शरीर पर कोई दुष्प्रभाव (side effect) भी नही होता है । 


S6+C6+C17+W.E tds 15 drop 1st dilution 


S1/S2 B.D 1st dilution 


पेशाब मे पस आने पर G.E का प्रयोग 

पेशाब मे ब्लड आने पर B.E का प्रयोग 

कमर दर्द मे w.e की मालिश 

चिकित्सा के दौरान गुनगुने पानी का सेवन कर सकते है ।

इन मेडिसिन की प्राप्ति के लिए आप अपने नज़दीकी इलैक्ट्रोहोम्योपैथ से संपर्क करे ।

किसी भी मेडिसिन के प्रयोग से पहले चिकित्सक की सलाह आवश्यक है ।



टिप्पणियाँ

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    1. धन्यवाद आप हमारे ब्लाग को फोलो करे व अपने मित्रो को भी लिंक शेयर करे ।

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