electrohomoeopathy treatment in all diseases

 इलेक्ट्रो होम्योपैथी में असाध्य बीमारियों का इलाज संभव

क्या आप दवाये खा खा कर थक चुके है तो एक बार अपने नजदीकी इलैक्ट्रोहोम्योपैथिक डाॅ से अवश्य संपर्क करे । आशा है आप निराश नही होगे ।

आइये पहले संक्षिप्त मे जाने आखिर ये पैथी क्या है ।

इस पैथी के जन्म दाता डाॅ काउन्ट सीज़र मैटी थे।
इस पैथी के अनुसार मानव शरीर मे मौजूद दो तत्व रस व रक्त के अशुद्ध होने पर इम्यूनिटी पावर कमजोर हो जाती है और रोग मानव शरीर को घेर लेते है अतः इस चिकित्सा विज्ञान मे इन दोनो तत्वो को ही शुद्ध करने का कार्य किया जाता है ।

इसमें अर्क को लिक्विड  के रूप में देते हैं। इस पैथी के नाम से लोगों में भ्रम होता है कि इसमें बिजली से इलेक्ट्रिक शॉक देते होंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। इसमें हर तरह की बीमारियों का हब्र्स से इलाज होता है। 



इसमें दवा बनाने का तरीका बिल्कुल अलग होता है। जिस पौधे का अर्क निकालना होता है उस पौधे को एक कांच के जार में पानी के साथ रख देते हैं। हर सप्ताह पुराने पौधों को निकाल दिया जाता है और दूसरा नया पौधा उसमें डाल देते हैं। यह प्रक्रिया करीब 35-40 दिन तक चलती है। फिर उस पानी को फिल्टर किया जाता है। इसे स्पेजरिक एसेंस कहते हैं। जरूरत के अनुसार इसको गाढ़ा या पलता कर दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अभी करीब 114 पौधों की पहचान हो चुकी है जिनसे इलेक्ट्रोपैथी के लिए दवाइयां बनाई जा रही हैं। 




यह मेडिसिन किन रोगो मे उपयोगी है आईये जानते है:
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और ब्लड बढ़ाने के लिए भी इस पैथी का इस्तेमाल किया जाता है। किडनी स्टोन, कब्ज, टॉन्सिलाइटिस, गठिया, पाइल्स, चर्म रोग, ब्लड प्रेशर, दमा आदि में उपयोगी होती है।इस पैथी में बीमारियों को दो वर्गों में बांटा गया है धनात्मक और ऋणात्मक बीमारियां। जिस बीमारी में परिवर्तन के बाद शरीर में अवययों की मात्रा अधिक हो जाती है उसेे धनात्मक और जिसमें अवयवों की मात्रा घट जाती है उसे ऋणात्मक बीमारी कहते हैं। जैसे शरीर में  ब्लड प्रेशर लेवल कम होना ऋणात्मक बीमारी की श्रेणी में आता है।


फायदे और सावधानी
इसमें केवल हर्बल दवाइयों का इस्तेमाल होता है। इसलिए कोई  साइड इफेक्ट नहीं होते हैं। एक्सपर्ट की मानें तो बीमारी का जड़ से इलाज होता है। कोशिकाओं के स्तर पर दवाएं काम करती हैं। इलाज के दौरान मरीज को कुछ सावधानी भी बरतनी होती है। अधिकतर मरीजों को खट्टी चीजों का परहेज करना होता है।
ये दवाईया रोगी आसानी से शक्कर या पानी मे मिलाकर  ले सकता है ,ये लगभग स्वादहीन होती है ।
#दवाये बिना अपने डाॅ को बताये ना छोडे ।
#कोई भी दवा एक्सपर्ट की सलाह से ही लेनी चाहिए।





                   Dr Count Ceasar Mattei







टिप्पणियाँ

  1. जय हो ईलेक्टौ्होमियोपैथी की सबसे अच्छी सबसे सस्ती

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  2. इलैक्ट्रो होम्योपैथी पेड़ पौधे के अर्क अपनायें।। स्वस्थ सूखद दीर्घायु जीवन पायें।।

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