सेहत कैसे बनाए? रोगो से है परेशान ?


 रोगो से है परेशान ? ये है समाधान। 

आज के समय मे देखा जाये तो हर व्यक्ति रोगी है मंहगा खान पान नियमित जिम व वर्क आउट के बाद भी हर मनुष्य परेशान व बीमार है पहले समय मे 100 मे से एक व्यक्ति बीमार देखने को मिलता था परन्तु आज की भाग दौड भरी जिन्दगी मे हर दुसरा व्यक्ति बीमार है चाहे वह मानसिक हो या शारीरिक आईये जानते है इसका कारण 

जिस प्रकार प्रकृति को प्रदूषित करने से पर्यावरण संतुलन बिगड जाता है ठीक उसी प्रकार मनुष्य शरीर भी प्रकृति के पाच तत्वो से मिल कर बना है और इस शरीर को भी प्रदूषित करने से शरीर का संतुलन बिगड जाता है और मनुष्य रोगी हो जाता है आप जितना प्राकृतिक रहेगे उतना स्वच्छ व स्वस्थ रहेगे प्राकृतिक रहने के लिए आपको शाकाहारी भोजन व शुद्ध भोजन अपनाना होगा ।

अपने भोजन मे मौसमी फल व हरी पत्तेदार सब्जियो को व अंकुरित दालो को अपनाना होगा ,मगर ध्यान रहे ये सभी जैविक खेती से तैयार की गई हो ।

क्योकि अन्य तरीको से तैयार की गई सब्जियो मे जहरीले पेस्टीसाइड का इस्तेमाल किया जाता है जो मानव शरीर के लिए काफी नुकसानदायक है ।(पेस्टीसाइड का प्रयोग ज्यादा पैदावार व जल्दी उत्पादन के लिए किया जाता रहा है जिस कारण अब किसानो की जमीन भी बंजर होती जा रही है । ) अतः हमे अपने स्तर पर भी प्रयास करने होगे और अपने जीवन मे बदलाव लाना ही होगा क्योकि हमारे बदलाव का आने वाली पीढी पर बहुत बडा प्रभाव पडता है इसलिए हमे बीडी ,सिगरेट, शराब या किसी भी प्रकार का नशा को त्यागना होगा और एलोपैथिक दवाओ का भी जहा तक संभव हो कम से कम प्रयोग करना होगा और हर्बल औषधियो को अपनाना होगा और कुछ अन्य तरीके है जैसे - सुबह जल्दी उठकर दो गिलास गुनगुने पानी मे एक चम्मच शहद डालकर पीना अगर वेट ज्यादा है अन्यथा सादे जल मे शहद डालकर पीये इससे आपका वेट बढेगा व व्यायाम करना हर्बल पेस्ट या दातुन करना रात्रिभोज जल्दी करना अर्थात सोने से दो घंटे पहले तथा शाम को हल्के हल्के टहलना व 10 बजे तक सो जाना तथा अगर किसी रोग की शुरुआत मे ही आप हर्बल इलैक्ट्रोहोम्योपैथिक दवाये लेते है तो रोग आसानी से ठीक हो जाता है ।इलैक्ट्रोहोम्योपैथिक औषधियो से पुराने से पुराना रोग भी ठीक किया जा सकता है इलैक्ट्रोहोम्योपैथिक की औषधिया पूर्णतः हर्बल पेड पौधो से तैयार की गई है तथा इनका कोई साइड इफैक्ट्स भी नही होता तथा ये खाने मे भी आसान होती है ।




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